स्वागत पर शायरी- अतिथि यह घर पे किसी न किसी हेतु की प्रतिक्रिया व्यक्त करने के लिए आते है |अतिथि जब घर पे आते है तो उनको सबसे पाहिले पानी पूछना चाहिए ! पुराने समय से संस्कृत की यह कहावत चली आ रही है की “अतिथिदेवो भव” जिसका मतलब होता है की घर आया मेहमान भगवान के समान होता है, अतिथि यह हमारे घर पर आने वाले रिश्तेदार या कुछ दोस्त भी हो सकते है |आज के समय में सभी लोग अतिथि के रूप में एक दुसरे के घर जाते है | इसी को देखते हुए आज हम आपको पेश कर रहे है ! स्वागत पर शायरी, अतिथि स्वागत शायरी, स्वागत शेरो शायरी, यह साहरी, स्टेटस, एसएमएस हिंदी फॉण्ट, हिंदी और उर्दू शायरी आदि जिन्हे आप फेसबुक, व्हाट्सप्प पर अपने दोस्त व परिवार के लोगो के साथ साझा कर सकते हैं|


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स्वागत पर शायरी


आये वो हमारी महफ़िल में कुछ इस तरह
कि हर तरफ़ चाँद-तारे झिलमिलाने लगे,
देखकर दिल उनको झूमने लगा
सब के मन जैसे खिलखिलाने लगे.

मीठी बात और चेहरे पर मुस्कान,
ऐसे लोग ही है हमारी महफ़िल के शान.

अतिथि स्वागत शायरी


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हार को जीत की एक दुआ मिल गई तपन मौसम में ठंडी हवा मिल गई। आप आये श्री मान जी यू लगा, जैसे तकलीफ को कुछ दवा मिल गई।

हमारी महफ़िल में लोग बिन बुलायें आते हैं, क्योकि यहाँ स्वागत में फूल नहीं पलकें बिछाये जाते हैं।

स्वागत शायरी


हसरतो ने फिर से करवट बदली है,
आप आये तो बलखा के बहारें आईं।

हमारी महफ़िल में लोग बिन बुलायें आते हैं,
क्योकि यहाँ स्वागत में फूल नहीं पलकें बिछाये जाते हैं.

मेहमान स्वागत शायरी


शब्दों का वजन तो हमारे बोलने के भाव से पता चलता हैं, वैसे तो, दीवारों पर भी “वेलकम” लिखा होता हैं.

स्वीकार आमंत्रण किया, रखा हमारा मान, कैसे करे कृतज्ञता, स्वागत है श्री मान..।।।

For Functions and Friends


ये कौन आया, रौशन हो गयी महफ़िल किसके नाम से
मेरे घर में जैसे सूरज निकला है शाम से |

हार को जीत की इक दुआ मिल गई,
तप्त मौसम में ठंडी हवा मिल गई,
आप आये श्रीमान जी यूँ लगा
जैसे तकलीफों को कुछ दवा मिल गई |

ग्रुप स्वागत शायरी


सबके दिलों में हो सबके लिए प्यार, आने वाला हर पल लाये खुशियों का बहार, इस उम्मीद के साथ भुलाके सारे गम इस आयोजन का करें वेलकम.

जो दिल का हो ख़ूबसूरत ख़ुदा ऐसे लोग कम बनाये हैं,
जिन्हें ऐसा बनाया है आज वो हमारी महफ़िल में आये हैं |

स्वागत गीत शायरी


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मीठी बात और चेहरे पर मुस्कान,
ऐसे लोग ही है हमारी महफ़िल के शान |

ये कौन आया, रौशन हो गयी महफ़िल किसके नाम से मेरे घर में जैसे सूरज निकला है शाम से |

अतिथि स्वागत शायरी इन हिंदी


अतिथि देव बन आप पधारे, स्वागत हो स्वीकार। द्वार हमारे आप आ गये- सहज लुटाते प्यार॥ साधन कम पर भाव विह्वल हैं- स्वागत को श्रीमान्। आशा है स्वीकार करेंगे, भाव सुमन का हार |

दिल को सुकून मिलता हैं मुस्कुराने से.
महफ़िल में रौनक आती है दोस्तों (आप) के आने से

Swagat shayari in Gujarati


bhare haiñ tujh meñ vo lākhoñ hunar ai majma-e-ḳhūbī mulāqātī tirā goyā bharī mahfil se miltā hai

स्वागत शायरी फॉर एंकरिंग


दिलों में विश्वास पैदा करता है,
हम सुब में कुछ आस पैदा करता है…
मिटटी की बात तो अलग है,
इश्वर तो पत्थरों में भी घास पैदा करता है |

कौन पहुंचा है कभी अपनी आखरी मंजिल तक,
हर किसी के लिए थोडा आसमान बाकि है…
ये तुझको लगता है तू उड़ने के काबिल नहीं,
सच तो ये है की तेरे पंखों में अभी भी उड़न बाकि

Swagat shayari in Marathi


दिव्यत्वाची जेथ प्रचिती। तेथे माझे कर जुळती।। या बोरगावकारांच्या पंक्तीना सार्थ ठरवून, तद्वत दिव्यत्वाची प्रचीती करून देणारा हा अतिथी गण…

अवकाशी मेघ दाटून आल्यावर आनंदाने बेभान होऊन नृत्य करणाऱ्या त्या मयुरासमान आतुर झालेला हा प्रेक्षकवृंद…|

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