मकर संक्रांति पर कविता 2020- Makar Sankranti Poem in Hindi & Marathi- मकरसंक्रांत कविता मराठी

मकर संक्रांति पर कविता 2020- जैसा की हम सभी लोग जानते है की मकर संक्रांति भारत का एक फसल त्योहार है जो की पूरे भारत में धूम धाम से मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। जो की हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है | जब पौष माह में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब इस त्यौहार की शुरुआत हो जाती है, संक्रांति शब्द जिसको मराठी में ‘मकरसंक्रांत’ भी कहते थे, आज के इस लेख में हम सभी पाठकों के लिए मकर संक्रांति पर कविता 2020 की, Makar Sankranti Poem in Hindi & Marathi, मकरसंक्रांत कविता मराठी आदि जिन्हे आप अपने भाई, बहन, दोस्त, मित्र, ब्रो, सिस्टर, आदि रिश्तेदारों के साथ साझा कर सकते है| कुछ इस प्रकार है मकर संक्रांति पर कविता –



Makar Sankranti Poem in Hindi


आसमान का मौसम बदला
बिखर गई चहुँओर पतंग।
इंद्रधनुष जैसी सतरंगी
नील गगन की मोर पतंग।मुक्त भाव से उड़ती ऊपर
लगती है चितचोर पतंग।
बाग तोड़कर, नील गगन में
करती है घुड़दौड़ पतंग।पटियल, मंगियल और तिरंगा
चप, लट्‍ठा, त्रिकोण पतंग।
दुबली-पतली सी काया पर
लेती सबसे होड़ पतंग।

कटी डोर, उड़ चली गगन में
बंधन सारे तोड़ पतंग।
लहराती-बलखाती जाती
कहाँ न जाने छोर पतंग।


मकर संक्रांति पर कविता


सूरज ने मकर राशि में दाखिल होकर
मकर संक्रांति के आने की दी खबर
ईंटों के शहर में
आज बहुत याद आया अपना घर.
गन्ने के रस के उबाल से फैलती हर तरफ
सोंधी-सोंधी वो गुड की वो महँक
कूटे जाते हुए तिल का वो संगीत
साथ देते बेसुरे कंठों का वो सुरीला गीत.
गंगा स्नान और खिचड़ी का वो स्वाद,
रंगीन पतंगों से भरा आकाश
जोश भरी “वोक्काटा” की गूँज
सर्दियों को अलविदा कहने की धूम.
अब तुम्हारा साथ ही त्यौहार जैसा लगता है
तुम्हारे आँखों की चमक दीवाली जैसी
और प्यार के रंगों में होली दिखती है
तुम्हारे गालों का वो काला तिल
जब तुम्हारे होठों के गुड की मिठास में घुलता है
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है!
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है !!

Makar Sankranti Poetry in Hindi


makar sankranti images के लिए इमेज परिणाम


नीचे हम आपको पेश कर रहे है, मकर संक्रांति पोएम, मकर संक्रांति माहिती मराठी, Happy Makar Sankranti Poem in Hindi, मकरसंक्रांत कविता मराठी, Poem On Makar Sankranti in Hindi, marathi, poem in hindi, happy makar sankranti poem, Happy Makar Sankranti Shayari in Hindi, poems in hindi, poem in english, मकर संक्रांति पर छोटा निबंध, संक्रांति का महत्व, संक्रांति के बारे में जानकारी, Makar Sankranti Information in Marathi, पतंग पर शेर, पतंग पर वाक्य, पतंग कविता मराठी, पतंग कविता आलोक धन्वा, poem on sankranti festival in english, sankranti poem in kannada, poem on kite festival in english आदि की जानकारी दी है जिसे आप किसी भी भाषा जैसे Hindi, हिंदी फॉण्ट, मराठी, गुजराती, Urdu, उर्दू, English, sanskrit, Tamil, Telugu, Marathi, Punjabi, Gujarati, Malayalam, Nepali, Kannada के Language व Font में साल 2016, 2017,2018,2019,2020 का full collection जिसे आप अपने स्कूल व सोशल नेटवर्किंग साइट्स जैसे whatsapp, facebook (fb) व instagram पर share कर सकते हैं| आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ  |

आसमान में चली पतंग मन में उठी एक तरंग
लाल, गुलाबी, काली, नीली,
मुझको तो भाती है पीली
डोर ना इसकी करना ढीली
सर-सर सर-सर चल सुरीली
कभी इधर तो कभी उधर
लहराती है फर फर फर।

मकरसंक्रांत कविता मराठी


जेव्हा सूर्य दुसर्‍या राशीत जाईल
मग शेतकरी इतका सुखी का होतो?
ती पतंग उडू लागतात
चारही सुगंध तूप गंध
रंग इकडे तिकडे पसरण्यास सुरवात होते.
शेतकरी का विचार करतो
सूर्य शुभ असेल
त्यांच्या बियाण्यांसाठी.
शेतकर्‍याला काय माहित नाही
शेतक for्यांसाठी हंगाम बदलत नाहीत
संक्रमित शेतकर्‍यांना सूर्य नाही
त्याऐवजी त्यांना फक्त मकरातच जावे लागेल
हिवाळा संपला आहे
शेतक Farmers्यांकडे यासाठी काहीच नाही
पण शेतकरी आनंदी आहे.
नदी आपले पाणी पित नाही
झाडे त्यांची फळे खात नाहीत
शेतकरी स्वत: साठीच नव्हे तर अन्न उगवतात
पण कारण
पुढील वेळी संक्रांती
पुन्हा उन्हात संसर्ग व्हा
दुसर्‍या राशीवर जा
आणि पतंग उडवा
चारही बाजूंनी तीळ-शेंगदाण्याचा सुगंध

Poem On Makar Sankranti in Marathi Language


मकर संक्रांती साजरा करूया
तीळ लडु सर्व एकत्र खाणे
आम्ही सर्व सुख घरामध्ये पसरवले
आम्ही पतंग खराब करतो
सर्व एकत्र आम्ही गाणे
मजा करा
मकर संक्रांती साजरा करूया
तीळ लडु सर्व एकत्र खाणे
रस्त्यावर शेअर केलेल्या सर्व रस्त्यावर.
सर्व एकत्र खा
गंगा मध्ये उतरणे
शरीर निरोगी करा.
मकर संक्रांती साजरा करूया
तीळ लडु सर्व एकत्र खातात.

पतंग कविता मराठी


प्रेमाने नवीन विराट पहा
आणि जीवन संपत्तीची ही किती शांतता आहे.
शेतकरी तीळ आणि गूळाच्या गंधाने त्यांचे जीवन फुलले
नौदल सूर्याच्या जादूने नवीन उत्साह संचारला.
आपण जाताना खाणे आणि सजवणे
मुले हातात सुंदर पतंग घेऊन धावतात.
आता शेतकरी बियाणे आणून पुन्हा जिवंत करतील
डोळ्यांनी पहा आणि गोड डोळा पहा

Makar Sankranti Par Hindi Kavita


मकर संक्रांति पर कविता 2020, Makar Sankranti Poem in Hindi & Marathi, मकरसंक्रांत कविता मराठी- इसके साथ साथ आप यहाँ से मकर संक्रांति पर निबंध हिंदी मराठी , व् Makar Sankranti Wishes in Hindi  भी पा सकते है |

मकर संक्रांति का त्यौहार,
पुरे भारत में मनाया जाता है।
कहीं लोहड़ी तो कहीं पोंगल,
कहीं संक्रांति का त्यौहार।
बड़ा ही पावन और पवित्र,
होता यह त्यौहार।
दान धर्म और पूजा पाठ,
से होता इसका सरोकार।
इस दिन सभी लोग ,
करते है पूजा पाठ।
दही चुरा, लड़ुआ तिलकुट,
सब खाते मिल बाँट।
सभी मिलकर उड़ाते पतंग,
बच्चे हो या बड़े।
कहीं नीली तो कहीं पिली
आसमान में लहराती पतंग
बच्चों के मन को भाती पतंग।
नाम-ममता रानी,राधानगर (बाँका)

पतंग के त्यौहार पर कविता


मकरसंक्रांत कविता मराठी- इस प्रकार है |

ऐसी एक पतंग बनाएं
जो हमको भी सैर कराए
कितना अच्छा लगे अगर
उड़े पतंग हमें लेकर
पेड़ों से ऊपर पहुंचे
धरती से अंबर पहुंचे
इस छत से उस छत जाएं
आसमान में लहराएं
खाती जाए हिचकोले
उड़न खटोले-सी डोले
डोर थामकर डटे रहें
साथ मित्र के सटे रहें
विजय पताका फहराएं
हम भी सैर कर आएं

आज का दिन है अति पावन
मकर संक्रांति का है दिन
आज उड़ेगी आकाश में पतंग
होंगे लाल पिले सब रंग
गंगा में डुबकी लगाओ
करो शीतल तन और मन
दान करो चीनी चावल धान
कमाओ पुण्या बनाओ परमार्थ
जोड़ो हाथ ईशवर से वर माँगो
सब जन जीवन का हो कल्याण

You Also Like: 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2020 - OnlineHindiMaster Frontier Theme