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वन महोत्सव पर कविताएं 2019- Forest Day Poems in Hindi

वन महोत्सव पर कविताएं- भारत में इसे धरती माता की रक्षा के लिये धर्म युद्ध की तरह शुरु किया गया था. वन महोत्सव का मतलब पेड़ो का उत्सव है. इसकी अनौपचारिक शुरुआत जुलाई 1947 में दिल्ली में सघन वृक्षारोपण हेतु आन्दोलन के रूप में बीड़ा उठाकर की गयी थी, जिसमें डा. राजेन्द्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरु सिरीखे राष्ट्रीय नेताओं ने शिरकत की थी. इसके साथ साथ यह उत्सव कई राज्यों में मनाया गया था. तब से भिन्न-भिन्न प्रजातियों के हजारों पौधे वन विभाग जैसी विभिन्न स्थानीय एजेंसियों की प्रभावशाली सहभागिता से लगाते है |



Forest Day Poems in Hindi


वन से अपना जीवन, वन ही अपना प्राण हैं
बन समितियों के माध्यम से, इन्हें बचाना आन है
वन अपने हैं, कब्जा इन पर , कोई व्यक्ति नहीं कर ले
वन्य जीव हैं मित्र ! न इनका कोई भी शिकार कर ले
हर अवैध धंधे पर रखना, अंकुश अपना धर्म है
हो ना अवैध चराई-कटाई, खनन न चोर कोई कर ले
वन से अपना जीवन, वन ही अपने प्राण हैं
हम रक्षक अपने जंगल के, भक्षक को मार भगाएंगे
लकड़ी-बल्ली-बाँस मुफ्त रूप में, हम जंगल से पाएंगे
वन दोहन से प्राप्त राशि का, अंश प्राप्त होगा हमको
अपने जंगल में मंगल हम, मिलकर सभी मनाएंगे
बन से अपना जीवन, वन ही अपने प्राण हैं
वन समितियों के माध्यम से, इन्हें बचाना आन है !


वन महोत्सव पर कविता


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हरियाली का गीत सुनाता सावन आया रे
खुशहाली की बीन बजाता सावन आया रे, सावन आया रे।।

सूखी धरती लगती थी कल जन्म-जन्म की प्यासी
सावन की बूंदों ने आकर उसकी प्यास बुझा दी
वन के वृक्षों से हैं मिलती अनगिनत चीज़ें हमको
वृक्ष बचाने को ही सावन सरसाता है इनको
सावन आया रे,सावन आया रे।।

आओ मिलकर वृक्ष लगाएं वृक्ष की महिमा गाएं
वन-महोत्सव आयोजन कर सबको यही सिखाएं !


Van Mahotsav Poems in Hindi


वन-वन, उपवन–
छाया उन्मन-उन्मन गुंजन,
नव-वय के अलियों का गुंजन!

रुपहले, सुनहले आम्र-बौर,
नीले, पीले औ ताम्र भौंर,
रे गंध-अंध हो ठौर-ठौर
उड़ पाँति-पाँति में चिर-उन्मन
करते मधु के वन में गुंजन!

वन के विटपों की डाल-डाल
कोमल कलियों से लाल-लाल,
फैली नव-मधु की रूप-ज्वाल,
जल-जल प्राणों के अलि उन्मन
करते स्पन्दन, करते-गुंजन!

अब फैला फूलों में विकास,
मुकुलों के उर में मदिर वास,
अस्थिर सौरभ से मलय-श्वास,
जीवन-मधु-संचय को उन्मन
करते प्राणों के अलि गुंजन !


Short Poem On Forest Day in Hindi


आइये वन महोत्सव पर बेहतरीन कविताओं के साथ साथ, आपको वन महोत्सव पर Speech On Van Mahotsav in Hindi, भी बताते चले, यहाँ हमने आपको वन महोत्सव का महत्व, वन महोत्सव पर निबंध आदि की जानकारी दी है |


वन में वृक्षों का वास रहने दे!
झील झरनों में साँस रहने दे!

वृक्ष होते हैं वस्त्र जंगल के
छीन मत ये लिबास रहने दे!
वृक्ष पर घोंसला है चिडि़या का
तोड़ मत ये निवास रहने दे!

पेड़-पौधे चिराग हैं वन के
वन में बाक़ी उजास रहने दे!

वन विलक्षण विधा है कुदरत की
इस अमानत को खास रहने दे !


वन महोत्सव पोएम इन हिंदी


जीवन का आधार वृक्ष हैं,
धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं।

प्राणवायु दे रहे सभी को,
ऐसे परम उदार वृक्ष हैं।

ईश्वर के अनुदान वृक्ष हैं,
फल-फूलों की खान वृक्ष हैं।

मूल्यवान औषधियां देते,
ऐसे दिव्य महान वृक्ष हैं।

देते शीतल छांव वृक्ष हैं,
रोकें थकते पांव वृक्ष हैं।

लाखों जीव बसेरा करते,
जैसे सुंदर गांव वृक्ष हैं।

जनजीवन के साथ वृक्ष हैं,
खुशियों की बारात वृक्ष हैं।

योगदान से इस धरती पर,
ले आते वरदान वृक्ष हैं।

जीव-जगत की भूख मिटाते,
ये सुंदर फलदार वृक्ष हैं।

जीवन का आधार वृक्ष हैं,
धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं !


Hindi Poem On Forest Day


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चल रही है वह
इतने दर्प में
कि चिनगारियाँ छिटकती हैं उससे

दौड़े आ रहे हैं
अगल-बगल के यूकिलिप्टस
और हिमाचल के देवदारु
उसके आतंक में खिंचे हुए

दूर-दूर अमराइयों में
पक्षियों का संगीत गायब हो गया है
गुठलियाँ बाँझ हो गई हैं
उसकी आवाज से

मेरा छोटा बच्चा देख रहा है उसे
कौतुक से
कि कैसे चलती है वह
कैसे अपने आप एक लकड़ी
दूसरी को ठेलकर आगे निकल जाती है
और अपना कलेजा निकालकर
संगमरमर की तरह चमकने लगती है

मेरा बच्चा देख रहा है अचरज से
अपने समय का सबसे बड़ा चमत्कार
तेज नुकीले दाँत
घूमता हुआ पहिया और पट्टा
बच्चा किलकता है ताली बजाकर
मैं सिहर जाता हूँ
अभी वह मेरे सीने से गुजरेगी
मेरे भीतर से एक कुर्सी निकालेगी

राजा के बैठने के लिए
राजा बैठेगा सिंहासन पर
और वन-महोत्सव मनाएगा


Van Mahotsav Poem in Marathi


वार – वायु आवाज,
जंगल मध्ये नखे मोर
मेघा स्फोट,
जंगल मध्ये मोर ..

पंख सलोना पसरतात,
सर पीई ताज अद्वितीय दिसते
मोर च्या सुवर्ण – सोनेरी पंख,
मोरचा वेगळा रंग ..

संध्याकाळी वारा आणि वारा,
सकाळी – सकाळी डॉन.
मेघा स्फोट,
जंगल मध्ये Nache मो !


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Miraj Khan

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