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Heart Touching Poem On Father Day 2019 in Hindi For Whatsapp & Facebook With Images

Heart Touching Poem On Father Day- फादर डे यानि की पिता दिवस यह हर साल 16 जून को मनाया जाता है, और इस साल भी 2019 में 16 जून को ही मनाया जायेगा, पिताओं की भावना का सम्मान करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है, इस दिन सभी बच्चे अपने पापा के लिए बेहतरीन गिफ्ट, बुके आदि उनका सम्मान करने के लिए देते है, अगर इतिहास के अनुसार देखा जाए तो, इस दिन को मनाने का हुक्म सबसे पहले सोनोरा लोइसे स्मार्ट दौड़ के दिमाग में आया था जो की अपने पिता से बहुत प्यार करती थी| उनका मानना था की अगर मदर डे हो सकता है तो फादर्स डे भी जरूर होना चाइये| और जब से लेकर आज तक फादर डे मनाते चले आ रहे है |


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Heart Touching Poem On Father Day in Hindi


खिल गई है मुस्कुराहट, उसके चेहरे पर आया है नूर
निहार-निहार चूमे माथा,लहर खुशी की छाया है सुरूर

गर्व से फूल गया है सीना ,बना है वह आज पिता
अंश को अपने गोद में लेकर, फूला न समाया, जग जीता
सपने नए लगा है संजोने, पाया है सुख स्वर्ग समान
तिनका-तिनका जोड़-जोड़, करने लगा नीड़ निर्माण

बीमा, बचत, बैंकों में खाते, योजना हुई नई तैयार
खेल-खिलौने,घोड़ा-गाड़ी, खुशियां मिली उसे अपार

सांझ ढले जब काम से आता ,लंबे-लंबे डग भरता
ममता, प्यार हृदय में रखता ,जगजाहिर नहीं करता

कंधों पर बैठा वो खेलता, कभी घोड़ा वह बन जाता
हं सी, ठिठोली, रूठ ,मना कर, असीम सुख वह पाता

ढलने लगी है उम्र भी अब तो, अंश भी होने लगा जवां
पैरों के छाले नहीं देखता,लेता चैन नहीं अवकाश

बच्चों की खुशियों की खातिर, हर तकलीफ़ रहा है झेल
जूतों का अपने छेद छुपाता, मोटर गाड़ी का तालमेल

अनंत प्यार का सागर है यह,परिंदे का खुला आसमान
अडिग हिमालय खड़ा हो जैसे,पिघले जैसे बर्फ समान

बड़ा अनोखा है ये जुलाहा, बुन रहा तागों को जोड़
सूत से नाते बांध रहा यह, लगा रहा दुनिया से होड़

होने लगी है हालत जर-जर, हिम्मत फिर भी रहा न हार
बेटी की शादी, बेटे का काम ,करने लग रहा जुगाड़

दर्द से कंधे लगे हैं झुकने,रीढ़ भी देने लगी जवाब
खुश है रहता अपनी धुन में, देख संतान को कामयाब

बेटी अब हो गयी पराई, बेटा भी परदेस गया
बाट जोहता रहता हर दिन,आएगा संदेस नया

खाली हाथ अब जेब भी खाली, फिर भी सबसे मतवाला
बन गया है धन्ना सेठ, ये जुलाहा, रखवाला !


Poem On Father Day in Hindi


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जिन्दगी तो मेरी कट रही है आपके बाद भी,
मगर आप के बिन जीने में वो बात नहीं,
उपर से तो सब मेरे अपने ही अपने है,
मगर आप की तरह अन्दर से कोई मेरे साथ नही,
ख्याल सब रखते है मेरा अपने तरीके से अच्छी तरह,
म्गर अपसे जिद करने का माजा अब आता नहीं,
लडाईयां तो अब भी होती है घर में हमारे,
मगर आपसे वो मीठा मीठा लडने का मजा कोई दे पाता नहीं,
मै आज भी शाम को दरवाजे पे नजरें टिकाये रहती हूं,
आयेंगे अभी बाबा चॉकलेट और तोफे ले के मै अपने से दिल से बार बार कहती हूं,
मगर जब देखती हूं आस आस आप नहीं होते,
तब सच जानियें आपके ये बच्चे छिप छिप के अकेले में है बहुत रोते,
कोई भूल थी अगर मेरी तो एक दफा कहते मुझे,
ऐसे अकेला छोड जाना कोई अच्छी बात नहीं..!


Father’s Day Poem in Hindi Font


प्यारे पापा सच्चे पापा
बच्चों के संग बच्चे पापा
करते हैं पूरी हर इच्छा
मेरे सबसे अच्छे पापा

पापा ने ही तो सिखलाया
हर मुश्किल में बनकर साया
जीवन जीना क्या होता है
जब दुनिया में कोई आया
उंगली पकड़कर सिखलाता
जब ठीक से चलना न आता
नन्हे प्यारे बच्चे के लिए
पापा ही सहारा बन जाता

प्यारे पापा सच्चे पापा
बच्चों के संग बच्चे पापा !


फादर डे पर कविताएं


जाते जाते वो अपने जाने का गम दे गये…
सब बहारें ले गये रोने का मौसम दे गये…
ढूंढती है निंगाह पर अब वो कही नहीं…
अपने होने का वो मुझे कैसा भ्रम दे गये…
मुझे मेरे पापा की सूरत याद आती है…
वो तो ना रहे अपनी यादों का सितम दे गये…
एक अजीब सा सन्नाटा है आज कल मेरे घर में…
घर की दरो दिवार को उदासी पेहाम दे गये…
बदल गयी है अब तासीर, तासीरी जिन्दगी की…
तुम क्या गये आंखो में मन्जरे मातम दे गये !


Happy Father Day Poem in Hindi


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मेरा साहस मेरी इज्जत मेरा सम्मान है पिता।
मेरी ताकत मेरी पूँजी मेरी पहचान है पिता।
घर की इक-इक ईट में शामिल उनका खून पसीना।
सारे घर की रौनक उनसे सारे घर की शान पिता।
मेरी शोहरत मेरा रूतबा मेरा है मान पिता।
मुझको हिम्मत देने वाले मेरा हैं अभिमान पिता।
सारे रिश्ते उनके दम से सारे नाते उनसे हैं।
सारे घर के दिल की धड़कन सारे घर की जान पित।
शायद रब ने देकर भेजा फल ये अच्छे कर्मों का।
उसकी रहमत उसकी नेमत उसका है वरदान पिता।


पापा के प्यार पर कविता इन हिंदी


आज तो पापा मंजिल भी है, दम भी है परवाजों में
एक आवाज नहीं है लेकिन, इतनी सब आवाजों में
सांझ की मेरी सैर में हम-तुम, साथ में मिल कर गाते थे
कच्चे-पक्के अमरूदों को, संग-संग मिल कर खाते थे
उन कदमों के निशान पापा, अब भी बिखरे यहीं-कहीं
कार भी है, एसी भी है, पर अब सैरों में मज़ा नहीं
कोई नहीं जो आंसू पोछें, बोले पगली सब कर लेंगे
पापा बेटी मिलकर तो हम, सारे रस्ते सर कर लेंगे
इतनी सारी उलझन है और पप्पा तुम भी पास नहीं
ये बिटिया तो टूट चुकी है, अब तो कोई आस नहीं
पर पप्पा ! तुम घबराना मत, मैं फिर भी जीत के आउंगी
मेरे पास जो आपकी सीख है, मैं उससे ही तर जाऊंगी
फिर से अपने आंगन में हम साथ में मिल कर गाएंगे
देखना अपने मौज भरे दिन फिर से लौट के आएंगे !


Short Poem On Father Day in Hindi



मेरे प्यारे पिताजी
माँ ममता का सागर है
पर उसका किनारा है पिताजी
माँ से ही बनता घर है
पर घर का सहारा है पिताजी
माँ आँखों की ज्योति है
पर आँखों का तारा है पिताजी
माँ से स्वर्ग है माँ से बैकुंठ
माँ से ही है चारों धाम
पर इन सब का द्वारा है पिताजी
देवांश राघव जी द्वारा रचित !


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Miraj Khan

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