Hindi Shayari & Wishes

Bhagat Sing Shaheed Diwas Par Shayari 2019 in Hindi

Bhagat Sing Shaheed Diwas Par Shayari in Hindi- दोस्तों शहीद दिवस भारत के हर एक व्यक्ति के लिए बढे ही गर्व का दिन होता है, जिसको हर साल भारत देश में 23 मार्च के दिन मनाया जाता है, I Hope फ्रेंड्स की आप Bhagat Sing, को जरूर जानते होंगे, जिनको भारत का वीर जवान कहा जाता है, जो भारत देश के लिए 24 साल की उम्र में ही शहीद हो गए थे, But दोस्तों यह अकेले ही शहीद नहीं हुए थे, इनके साथ और भी दो जवान थे, सुख देव और राज गुरु इनको भी शहीदे आजम भगत सिंग के साथ शहीद किया गया था, इसलिए फ्रेंड्स आज मैं आपको शहीद दिवस पर कुछ ऐसी शायरी बताऊंगा जिनको पढ़कर आपके दिल में भी देशभक्ति का जज्वा जाग उठेगा।


दोस्तों आज की इस पोस्ट में आपको- Shaheed Diwas Par Shayari in Hindi 2019, शहीद दिवस देशभक्ति शायरी कलेक्शन 2019, Shayari on Shaheed Diwas in Hindi, 23 मार्च भगत सिंग देशभक्ति शायरी, Martyrs Day shayari in Hindi, शहीद दिवस जज्वा शायरी, Desh Bhakti Shayari Collection 2019 in Hindi, मिलेंगी अगर आप अपने किसी भी दोस्त या किसी स्कूल में यह शायरी शेयर या सुनना चाहते है, तो आप बहुत ही आसानी से कॉपी कर कर Send कर सकते है।

Shaheed Diwas Shayari 2019 in Hindi


खुशनसीब हैं वो जो वतन पर मिट जाते हैं,
मरकर भी वो लोग अमर हो जाते हैं,
करता हूँ उन्हें सलाम ए वतन पे मिटने वालों,
तुम्हारी हर साँस में तिरंगे का नसीब बसता है।


मेरी जिंदगी में सरहद की कोई शाम आए,
काश मेरी जिंदगी मेरे वतन के काम आए,
ना खौफ है मौत का ना आरजू है जन्नत की,
मगर जब कभी जिक्र हो शहीदों का,
काश मेरा भी नाम आए।


मैं जला हुआ राख नही,
अमर दीप हूँ,

जो मिट गया वतन पर,
मैं वो शहीद हूँ।


ऐ वतन मेरे वतन आबाद रहे तू,
मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू,
तू ही मेरी मंजिल है पहचान तुझी से,
पहुँचूं मैं जहाँ भी मेरी बुनियाद रहे तू।



वतन वालों वतन ना बेच देना,
ये धरती ये चमन ना बेच देना,
शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते,
शहीदों के कफन ना बेच देना।


ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।


वतन के रखवाले हैं हम
शेर -ए-जिग़र वाले हैं हम
मौत से हमें क्यों डर लगेगा
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
जय हिन्द वन्दे मातरम।


 मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है।


जब तूम शहीद हुए थे,
तो ना जाने कैसे तुम्हारी माँ सोई होगी,
एक बात तो तय है,
तुम्हें लगने वाली गोली भी सौ बार रोई होगी।


इस माटी का कर्ज हर हिन्दुस्तानी को
चुकाना है,
दुश्मनों के सिर को भारत माँ के चरणों में
झुकाना हैं।


Bhagat Sing Deshbhakti Shayari in Hindi


 मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट
सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही
गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर
मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा बस यही
अरमान रखता हूँ।


जिसे सींचा लहू से है वो यूँ खो नहीं सकती,
सियासत चाह कर विष बीज हरगिज बो नहीं सकती,
वतन के नाम पर जीना वतन के नाम मर जाना,
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती।


जो देश के लिए शहीद हुए
उनको मेरा सलाम है
अपने खूं से जिस जमीं को सींचा
उन बहादुरों को सलाम है।


इतनी सी बात हवाओं को
बताये रखना
रौशनी होगी चिरागों को
जलाये रखना
लहू देकर की है जिसकी
हिफाजत हमने
ऐसे तिरंगे को हमेशा दिल में
बसाये रखना।


सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं,
देखना हैं जोर कितन बाजू-ए-कातिल में हैं,
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ए आसमां,
हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में हैं।


लड़ें वो बीर जवानों की तरह,
ठंडा खून फ़ौलाद हुआ,
मरते-मरते भी की मार गिराए,
तभी तो देश आज़ाद हुआ।


सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा।


कभी सनम को छोड़ के देख लेना,
कभी शहीदों को याद करके देख लेना,
कोई महबूब नहीं है वतन जैसा यारो,
देश से कभी इश्क करके देख लेना।


किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,
किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,
धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों,
पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं।

*****************


 लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा।


मुझे तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह, वतन चाहिए
जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब
मरू तो तिरंगा कफ़न चाहिये।





है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर,
इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं,
है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय,
जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गये हैं।


अपनी आज़ादी को हम हरगिज़
मिटा सकते नहीं
सर कटा सकते हैं लेकिन सर
झुका सकते नहीं।


वतन वालों वतन ना बेच देना,
ये धरती ये चमन ना बेच देना,
शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते,
शहीदों के कफन ना बेच देना।


कुछ पन्ने इतिहास के
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गएँ,
जो लड़े, जो मरे वो शहीद हो गएँ,
जो डरे, जो झुके वो वजीर हो गएँ।


जब तूम शहीद हुए थे,
तो ना जाने कैसे तुम्हारी माँ सोई होगी,
एक बात तो तय है,
तुम्हें लगने वाली गोली भी सौ बार रोई होगी।


चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में हैं,
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में हैं,
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में हैं,
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में हैं।


Deshbhakti Shayari Collection in Hindi


 आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे
बची हो जो एक बूंद भी लहू की
तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे।


जब देश में थी दिवाली, वो खेल रहे थे होली,
जब हम बैठे थे घरो में, वो झेल रहे थे गोली,
क्या लोग थे वो अभिमानी, है धन्य उनकी जवानी,
जो शहीद हुए है उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी,
ए मेरे वतन के लोगो, तुम आँख में भर लो पानी।


अगर माटी के पुतले देह में ईमान जिन्दा हैं,
तभी इस देश की समृद्धि का अरमान जिन्दा हैं,
ना भाषण से है उम्मीदें ना वादों पर भरोसा हैं,
शहीदों की बदौलत मेरा हिन्दुस्तान जिन्दा है।


देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है।


ऐ वतन ऐ वतन,
हमको तेरी कसम,
फूल क्या चीज है,
तेरे कदमो मे हम,
भेंट अपने सरो की चढ जाएंगे।


कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को,
जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा,
हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की,
इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा।


मेरे देश तुझको नमन है मेरा,
जीऊं तो जुबां पर नाम हो तेरा
मरूं तो तिरंगा कफन हो मेरा।


कभी कड़ाके की ठंड में ठिठुर के देख लेना,
कभी तपती धुप में चल के देख लेना,
कैसे होती है हिफाजत अपने देश की,
जरा सरहद पर जाकर देख लेना।


लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर
भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर
ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर
कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर।

*******************


लिख रहा हूं मै अजांम जिसका कल
आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा
इकंलाब लाऐगा।


आओ, झुक के सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते है वो लोग,
जिनका खून देश के काम आता है।


ताकत वतन की हमसे है
हिम्मत वतन की हमसे है
इज्ज़त वतन की हमसे है
इंसान के हम रखवाले।


 गुलाम बने इस देश को आजाद तुमने कराया है
सुरक्षित जीवन देकर तुमने कर्ज अपना चुकाया है
दिल से तुमको नमन हैं करते
ये आजाद वतन जो दिलाया है।


जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता।


 कर जज्बे को बुलंद जवान,
तेरे पीछे खड़ी आवाम !
हर दुश्मन को मार गिराएंगे,
जो हमसे देश बँटवाएंगे।


खूब बहती हैं अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो।


लड़े वो वीर जवानों की तरह,
ठंडा खून भी फौलाद हुआ,
मरते मरते भी कई मार गिराए,
तभी तो देश आजाद हुआ।


मेरी महफ़िल है, मेरा सेहरा है, मेरा कफ़न है, वतन मेरा,
एक ज़िन्दगी नहीं,
हर जनम वारं दूँ, अपने हिन्दुस्तान पर।


शहीदों की चिताओं पर लगेंगे
हर बरस मेले,

वतन पे मरने वालो का यही
बाकि निशां होंगा।


चढ़ गये जो हँसकर सूली, खाई जिन्होंने सीने पर गोली,
हम उनको प्रणाम करे हैं, जो मिट गये देश पर,
हम सब उनको सलाम करते हैं।

***************


मरना है तो वतन के लिए मरो…
कुछ करना है तो वतन के लिए करो..
अरे टुकड़ों में तो बहुत जी लिया..
अब जीना है तो मिल कर वतन के लिए जियो..
जय हिंद।


वतन हमारा मिसाल है मोहब्बत की ,
तोड़ता है दीवार नफरत की ,
मेरी खुश नसीबी है मिली जिंदगी इस चमन में,
भुला ना सके कोई इसकी खुशबू सातों जन्मों में।


तैरना है तो समंदर में तैरो,
नदी नालों में क्या रखा है,
प्यार करना है तो वतन से करो,
इन बेवफा लोगों में क्या रखा है।


करता हूँ भारत माता से गुजारिश कि तेरी भक्ति के सिवा
कोई बंदगी न मिले,
हर जनम मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर
कभी जिंदगी न मिले।


इस वतन के रखवाले हैं हम
शेर ए जिगर वाले हैं हम
मौत से हम नहीं डरते
मौत को बाँहों में पाले हैं हम
वन्दे मातरम।


आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है।


फना होने की इज़ाजत ली नहीं जाती,
ये वतन की मोहब्बत है जनाब… 
पूछ के नहीं की जाती।


Saheede Aazam Bhagat Sing Shayari in Hindi


जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
क्या लोग थे वो अभिमानी
है धन्य वो उनकी जवानी।


तिरंगा हमारा हैं शान- ए-जिंदगी
वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी
देश के लिए मर मिटना कुबूल हैं हमें
अखंड भारत के स्वपन का जूनून हैं हमें।


खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटों हमको,
मेरे छत एक तिरंगा रहने दो।


मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट
सम्मान करता हूँ
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही
गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर
मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही
अरमान रखता हूँ।


खींच दो अपने ख़ूँ से जमीं पर लकीर,
इस तरफ आने पाये ना रावण कोई,
तोड़ दो अगर कोई हाथ उठने लगे,
छू ना पाये सीता का दामन कोई,
राम भी तुम तुम्हीं लक्ष्मण साथियो,
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।


लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाऐगा
मैं रहूँ या ना रहूँ पर ये वादा है तुमसे मेरा कि,
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा।


ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान।


 तेरे दामन से जो आये, उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस जुबां को जिस पे आये तेरा नाम
सबसे सुन्दर सुबह तेरी
सबसे सुन्दर तेरी शाम
तुझ पे दिल कुरबान
ऐ मेरे प्यारे वतन,
ऐ मेरे पिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुर्बान।


तिरंगा है आन हमारी,
तिरंगा ही है शान हमारी,
Tiranga रहे सदा ऊँचा हमारा,
तिरंगे से है धरती महान हमारी।


अधिकार मिलते नहीं लिए जाते हैं
आजाद हैं मगर गुलामी किये जाते हैं
वंदन करो उन सेनानियों को
जो मौत के आँचल में जिए जाते हैं।

*******************


खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है।


उड़ जाती है नींद ये सोचकर
कि सरहद पे दी गयीं वो कुर्बानियां
मेरी नींद के लिए थीं।


तिरंगे में लिपटी लाशो में दो थे नाम,
एक था “अली” तो एक था “श्याम”
हिंदुस्तान-ए-मोहब्बत में दोनों ने दी थी जान,
फिर भी हमने उन्हें बांट दिया,
कहकर हिंदू और मुसलमान।


गीले चावल में शक्कर क्या क्या गिरी,
तुम भिखारी खीर समझ बैठे,
चंद कुत्तो ने पाकिस्तान जिंदाबाद क्या बोला,
तुम कश्मीर को अपने बाप की ज़ागीर समझ बैठे।


इश्क तो करता है हर कोई
महबूब पे तो मरता है हर कोई
कभी वतन को महबूब बना के देखो
तुझ पे मरेगा हर कोई।





ने हमारे बाजूओं में है दम कम,
ने ही है हमारे हौसलों में दरारें,
इन सरहदों की जंगो में,
हम अपने ही हमवतनों से हारे हैं।


Bhagat Sing Shaheed Diwas Par Shayari in Hindi


जब देश में थी दीवाली,
वो खेल रहे थे होली,
जब हम बैठे थे घरों में,
वे झेल रहे थे गोली।


कर चले हम फ़िदा जाने तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।


ऐ पाक, तेरा ख़्वाब नजारा ही रहेगा,
तू क़िस्मत का मारा है मारा ही रहेगा,
तेरे हर सवाल का जबाब करारा ही रहेगा,
कश्मीर हमारा हैं और हमारा ही रहे।


 उनके हौंसले का मुकाबला ही नहीं है कोई
जिनकी कुर्बानी का कर्ज हम पर उधार है
आज हम इसीलिए खुशहाल हैं क्यूंकि
सीमा पे जवान बलिदान को तैयार है।


तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान हैं,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान हैं,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान हैं,
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं।


दाबोगे अगर और उभर आयेगा भारत,
हर वार पर कुछ और निखर जायेगा भारत
दस-बीस जाहिलों को ग़लतफ़हमी हुई है,
दो-चार धमाको से ही डर जायेगा भारत।


चलो फिर से आज वो नजारा याद कर ले,
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर ले,
जिसमे बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे,
देशभक्तों के खून की वो धरा याद कर लें।


प्रेम गीत कैसे लिखूँ,
जब चारों तरफ गम के बादल छाये है,
नमन है मेरा उन शहीदों को,
जो तिरंगा ओढ के आये है।


हँसते-हँसते फाँसी चढ़कर अपनी जान गवा दी,
और बदले में दे दी ये पावन आजादी।


मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा,
ये मुल्क मेरी जान है,
इसकी रक्षा के लिए,
मेरा दिल और मेरी जां कुर्बान हैं।


चलो फिर से खुद को जगाते है,
अनुशासन का झंडा फिर से घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहूँ से,
ऐसे शहीदों को हम सर झुकाते है।

*************************


भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मो से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,
भारत का वीर जवान हूँ मैं।


उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार हैं,
आप और हम इसलिए खुशहाल हैं 
क्योकि सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं।


न पूछो जमाने को,
क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो सिर्फ ये है,
की हम सिर्फ हिंदुस्तानी है।


गूँजे कहीं पर शंख,
कही पे अजाँ हैं,
बाइबिल है, ग्रन्थ साहब है,
गीता का ज्ञान हैं,
दुनिया में खी और यह मंजर नसीब नही,
दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान।


ना जाने किस मिट्टी के बने थे,
देश की सेवा में हर दिन तने थे,
जवानियाँ उन्होनें जेलों में गुजार दी,
देश की खातिर अपनी जान वार दी।


तो फ्रेंड्स यह थी हमारी आज की शायरी Shaheed Diwas Shayari 2019| Bhagat Sing Shaheed Diwas Par Shayari in Hindi, मैं उम्मीद करता हूँ की आपको यह जरूर पसंद आई होंगी, So फ्रेंड्स अगर अच्छी लगी हो तो हमे कमैंट्स बॉक्स में जरूर बताये। और सोशल मीडिया पर भी शेयर करना ना भूले।

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Miraj Khan

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