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Namaz Kyu Padi Jaati Hai, in Hindi

हैल्लो फ्रेंड्स एक बार फिर से स्वागत करते है हम आपका हमारी वेबसाइट पर दोस्तों पिछली पोस्ट में हमने आपको बताया था की मुस्लिम धर्म में लोग रोज़े क्यों रखते है और दोस्तों आज हम आपको अपनी वेबसाइट पर बताने जा रहे है की मुस्लिम धर्म के लोग नमाज क्यों पड़ते है इसका क्या कारण है। तो फ्रेंड्स शुरू करते है आज की पोस्ट।


नमाज क्यों पढ़ी जाती है,

दोस्तों जैसे हर एक धर्म में उस धर्म की अलग अलग वैल्यू मतलब मान्यताये होती है बैसे ही इस्लाम धर्म में नमाज पड़ने की कुछ विशेस्ताएं है। दोस्तों नमाज पड़ने के लिए हर मुस्लिम भाई को काबे की तरफ मुँह कर कर खड़े होना पड़ता है। काबा को मक्का भी कहा जाता है जो एक पवित्र शहर है। और वह सऊदी में स्थित है। दोस्तों इसलिए इस्लाम धर्म के लोग उसी दिशा की तरफ मुँह करके नमाज अदा करते है।

दोस्तों नमाज को अरबी में सलात भी कहा जाता है। दोस्तों नमाज और कुरान शरीफ पड़ना जहन्नुम से बचने का तरीका है जो भी इंसान एक बक्त की नमाज पाक और सही तरीके से अदा करता है उसके पूरे दिन के गुनाह माफ़ हो जाते है। और दोस्तों नमाज में ना तो कोई भी इंसान ऊँचा है और ना कोई नींचा है नमाज को आप जितना ही सही तरीके से पड़ेंगे आपको उतना ही शबाब मिलेगा।


नमाज का बक्त,

नमाज एक दिन में 5 बार अदा की जाती है।

1-[नमाज-ए-फजर] यह हमारे दिन की पहली नामज होती है। जो सुबह के बक्त मतलब 5 से 5:30 बजे तक अदा की जाती है।

2-[नमाज-ए-जोहर] यह हमारे दिन की दूसरी नमाज होती है। जो दोपहर के बाद मतलब 1:30 से 3 बजे तक इसको अदा कर सकते है।

3-[नमाज-ए-अस्र] यह हमारे दिन की तीसरी नमाज होती है। जो सूर्य के अस्त होने से कुछ देर पहले होती है। 5 से 5:30 बजे तक अदा की जाती है।

4-[नमाज-ए-मगरिब] यह नमाज हमारे दिन की चौथी नमाज है। जो सूर्य के अस्त होने से कुछ देर बाद होती है। 6:30 से 7 बजे तक अदा की जाती है।

5-[नमाज-ए-इषा] यह नमाज रात के समय होती है। जो सूर्य अस्त के लगभग दो घंटे बाद होती है। 8 से 8:45 तक इसको अदा कर सकते है।

दोस्तों यह 5 बक्त की नमाज मुस्लिम लोगो के लिए ज्यादा जरूरी है की वह मस्जिद में ही अदा करे। दोस्तों अगर किसी भी काम के जरिये या फिर किसी कारण आप मस्जिद में ना जा सके तो आप घर पर भी नमाज अदा कर सकते है। और अगर दोस्तों आपके पास ये पाँचों बक्त की नाम्माज का टाइम नहीं है तो आप शुक्रबार के दिन जुमे की नमाज अदा कर सकते है।


जुम्मे की नमाज,

दोस्तों मुस्लिम धर्म में जुम्मे की नमाज अदा करना बहुत ज्यादा जरूरी माना गया है। और कहा जाता है की जुम्मे के दिन अल्लाह के दरवार में रहम और भीक के दरवाजे खुल जाते है। दोस्तों जो भी शुक्रबार के दिन जुम्मे की नमाज पाक और अच्छी तरह से अदा करता करता हैं तो अल्लाह उसके एक हफ्ते के सारे गुनाह माफ़ कर देते है।

तो दोस्तों यह था हमारा आज का आर्टिकल दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको हमारा आज की यह पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी। और दोस्तों इसके बारे में आपको कुछ भी पोंछना या बताना हो तो आप कमेंट बॉक्स में कह सकते है। अगर आपको हमारा आज का आर्टिकल पसंद आया हो तो शेयर भी कर दे।

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Miraj Khan

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