देश भक्ति पर कविताएँ 2020- Desh Bhakti Kavita in Hindi- छोटी कविताएँ

देश भक्ति पर कविताएँ- 15 अगस्त आने में कुछ दिन बचे हैं, स्वतंत्रता दिवसवाले दिन पुरे देश के विधायालो में बड़ी धूम धाम के साथ इस दिन का स्वागत होता है और सभी बच्चे इसमें बड चढ़ कर हिस्सा लेते है. और स्कूल के बच्चों को गणतंत्र दिवस पर कविताएं यानी कि हमारे देश भक्तों के ऊपर कविता लिखने को दी जाती हैं आज हम आपके सामने कुछ ऐसी ही देश भक्ति की कविताएं पेश करेंगे जिन्हें स्कूल के बच्चे कक्षा 1,2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 व 10 के विद्यार्थी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं| इन कविताओं को पढ़कर आपके अंदर भी देश के लिए देशभक्ति की भावना जाग उठेगी और आप भी हमारे भारत देश के प्रति अपना प्यार सम्मान जाहिर कर पाएंगे| आइये देखें कुछ देशभक्ति पर सर्वश्रेष्ठ कविताएँ |


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Desh Bhakti Kavita 2020 in Hindi


आज तिरंगा फहराता है

आज तिरंगा फहराता है अपनी पूरी शान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी।
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी।।
व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया।
हमको आपस में लड़वाने की नीति अपनाई थी।।
हमने अपना गौरव पाया, अपने स्वाभिमान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है।
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर।
हिंद महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष है।।
लगी गूँजने दसों दिशाएँ वीरों के यशगान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है।
उसके आँचल की छैयाँ से छोटा ये संसार है।।
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएँगे।
सच पूछो तो पूरा विश्व हमारा ही परिवार है।।
विश्वशांति की चली हवाएँ अपने हिंदुस्तान से।
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
सजीवन मयंक'

देश भक्ति पर कविताएँ 2020


जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा
वो भारत देश है मेरा
जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा
वो भारत देश है मेरा
ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला
जहाँ हर बालक एक मोहन है और राधा हर एक बाला
जहाँ सूरज सबसे पहले आ कर डाले अपना फेरा
वो भारत देश है मेरा
अलबेलों की इस धरती के त्योहार भी हैं अलबेले
कहीं दीवाली की जगमग है कहीं हैं होली के मेले
जहाँ राग रंग और हँसी खुशी का चारों ओर है घेरा
वो भारत देश है मेरा
जब आसमान से बातें करते मंदिर और शिवाले
जहाँ किसी नगर में किसी द्वार पर कोई न ताला डाले
प्रेम की बंसी जहाँ बजाता है ये शाम सवेरा
वो भारत देश है मेरा
– राजेंद्र किशन

देशभक्ति बाल कविता

होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन। हम चलेंगे साथ-साथ डाल हाथों में हाथ हम चलेंगे साथ-साथ, एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन। होगी शांति चारों ओर, एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास होगी शांति चारों ओर एक दिन। नहीं डर किसी का आज एक दिन मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास नहीं डर किसी का आज एक दिन। – गिरिजा कुमार माथुर के लिए इमेज परिणाम


होंगे कामयाब

होंगे कामयाब,
हम होंगे कामयाब एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब एक दिन।
हम चलेंगे साथ-साथ
डाल हाथों में हाथ
हम चलेंगे साथ-साथ, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
हम चलेंगे साथ-साथ एक दिन।
होगी शांति चारों ओर, एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
होगी शांति चारों ओर एक दिन।
नहीं डर किसी का आज एक दिन
मन में है विश्वास, पूरा है विश्वास
नहीं डर किसी का आज एक दिन।
– गिरिजा कुमार माथुर

छोटी देशभक्ति कविताएँ


यारा प्यारा मेरा देश

यारा प्यारा मेरा देश,
सजा – संवारा मेरा देश॥
दुनिया जिस पर गर्व करे,
नयन सितारा मेरा देश॥
चांदी – सोना मेरा देश,
सफ़ल सलोना मेरा देश॥
सुख का कोना मेरा देश,
फूलों वाला मेरा देश॥
झुलों वाला मेरा देश,
गंगा यमुना की माला का मेरा देश॥
फूलोँ वाला मेरा देश
आगे जाए मेरा देश॥
नित नए मुस्काएं मेरा देश
इतिहासों में नाम लिखायें मेरा देश॥

देशभक्ति पर कविता


सरफ़रोशी की तमन्ना – राम प्रसाद बिस्मिल

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है
करता नहीं क्यूँ दूसरा कुछ बातचीत,
देखता हूँ मैं जिसे वो चुप तेरी महफ़िल में है
ए शहीद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार,
अब तेरी हिम्मत का चरचा गैर की महफ़िल में है
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आसमान,
हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है
खैंच कर लायी है सब को कत्ल होने की उम्मीद,
आशिकों का आज जमघट कूच-ए-कातिल में है
यूँ खड़ा मक़तल में क़ातिल कह रहा है बार-बार,
क्या तमन्ना-ए-शहादत भी किसी के दिल में है
वो जिस्म भी क्या जिस्म है जिसमें ना हो खून-ए-जुनून
तूफ़ानों से क्या लड़े जो कश्ती-ए-साहिल में है,
हाथ जिन में हो जुनूँ कटते नही तलवार से,
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से
और भड़केगा जो शोला-सा हमारे दिल में है,
है लिये हथियार दुशमन ताक में बैठा उधर,
और हम तैय्यार हैं सीना लिये अपना इधर
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है,
हम तो घर से निकले ही थे बाँधकर सर पे कफ़न,
जान हथेली पर लिये लो बढ चले हैं ये कदम
जिन्दगी तो अपनी मेहमान मौत की महफ़िल में है,
दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इन्कलाब,
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज
दूर रह पाये जो हमसे दम कहाँ मंज़िल में है||

Desh Bhakti Poem in Hindi


आज़ादी का गीत

हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल।
चाँदी सोने हीरे मोती से सजती गुड़ियाँ।
इनसे आतंकित करने की बीत गई घड़ियाँ
इनसे सज धज बैठा करते जो हैं कठपुतले
हमने तोड़ अभी फेंकी हैं बेड़ी हथकड़ियाँ
परंपरा गत पुरखों की हमने जाग्रत की फिर से
उठा शीश पर रक्खा हमने हिम किरीट उज्जवल
हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल।
चाँदी सोने हीरे मोती से सजवा छाते
जो अपने सिर धरवाते थे वे अब शरमाते
फूलकली बरसाने वाली टूट गई दुनिया
वज्रों के वाहन अंबर में निर्भय घहराते
इंद्रायुध भी एक बार जो हिम्मत से ओटे
छत्र हमारा निर्मित करते साठ कोटि करतल
हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल।
- हरिवंश राय बच्चन

Indian Patriotic Poems in Hindi


वीर तुम बढ़े चलो, तुम्हारे साथ है पूरा हिन्दुस्तान
वीर तुम बढ़े चलो, तुम्हारे साथ है पूरा हिन्दुस्तान
तुम से ही तो हम सब हैं
तुम नहीं तो कुछ नहीं….
तुम नहीं होते, तो ये देश हो जाता वीरान
तुम हीं हो पूरे हिन्द की जान
तुमसे हीं ये है हिन्दुस्तान
तुमसे हीं सरहदें सुरक्षित हैं
तुमसे हीं माँ-बहनें सुरक्षित हैं
तहे दिल से सलाम है उस माँ को
जिसने तुम जैसे वीर को जन्म दिया
जिस माँ ने भारत माँ को अपने बेटे को सौंप दिया
तहे दिल से सलाम है तुम्हारी बहादुरी को जवान
सलाम है, तुम्हारी निःस्वार्थ भावना को
अपने खून बहाकर भी लोगों की रक्षा करना कोई तुमसे सीखे
हर दर्द सहते हुए भी जिंदादिली से जीना कोई तुमसे सीखे
राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व लुटाना कोई तुमसे सीखे
मेरी क्या बिसाद जो मैं कुछ लिख सकूं तुम्हारी शान में …
मेरे तो शब्द भी तुच्छ पड़ जाते हैं………..
तुम्हारे तेज, तुम्हारी बहादुरी और तुम्हारी बुद्धि के आगे…..
हर कोई तुम्हारी तरह हो भारत पर हो कुर्बान
भारत माँ के सच्चे प्रहरी तुम हीं हो वीर जवान …
तुमसे हीं है देश की आन बान शान….
वीर तुम बढ़े चलो, तुम्हारे साथ है पूरा हिन्दुस्तान
– नमिता कुमारी

देश प्रेम पर छोटी कविता

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा के लिए इमेज परिणाम


ऐ मेरे वतन के लोगों

ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर ना आए
ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आँख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी
जब घायल हुआ हिमालय ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी साँस लड़े वो फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी
जब देश में थी दीवाली वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में वो झेल रहे थे गोली
क्या लोग थे वो दीवाने क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी
कोई सिख कोई जाट मराठा कोई गुरखा कोई मदरासी
सरहद पर मरनेवाला हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पर्वत पर वो खून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी
थी खून से लथ-पथ काया फिर भी बंदूक उठाके
दस-दस को एक ने मारा फिर गिर गए होश गँवा के
जब अंत-समय आया तो कह गए के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों अब हम तो सफ़र करते हैं
थे धन्य जवान वो अपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुरबानी
जय हिंद जय हिंद की सेना
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद
- प्रदीप

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